Post Office SSY Scheme: SSY Scheme हर मां-बाप के दिल में अपनी बेटी को लेकर एक ही सपना होता है कि उसकी पढ़ाई अच्छे से हो, शादी के समय पैसों की कमी न पड़े और भविष्य पूरी तरह सुरक्षित रहे। लेकिन सच्चाई यह है कि जैसे-जैसे समय आगे बढ़ रहा है, खर्च भी उतनी ही तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में अगर बेटी के जन्म के साथ ही उसके भविष्य के लिए थोड़ा-थोड़ा पैसा जोड़ना शुरू कर दिया जाए, तो आगे चलकर वही छोटी बचत बहुत बड़ा सहारा बन जाती है। सुकन्या समृद्धि योजना इसी सोच के साथ शुरू की गई सरकारी योजना है, जिसमें सिर्फ ₹250 से निवेश शुरू करके बेटी के नाम पर 70 से 80 लाख रुपए तक का फंड तैयार किया जा सकता है। अभी इस योजना में 8.20% सालाना ब्याज मिल रहा है, जो इसे और भी खास बनाता है।
सुकन्या समृद्धि योजना क्या है?
सुकन्या समृद्धि योजना सरकार की एक भरोसेमंद बचत योजना है, जो खासतौर पर बेटियों के भविष्य के लिए बनाई गई है। इस योजना में बेटी के नाम से अकाउंट खोला जाता है और उसमें माता-पिता या अभिभावक हर साल कुछ रकम जमा करते हैं। यह पैसा लंबे समय तक सुरक्षित रहता है और धीरे-धीरे बढ़ता रहता है। इस योजना का मकसद यही है कि जब बेटी बड़ी हो जाए और उसकी पढ़ाई या शादी का समय आए, तब माता-पिता को पैसों की चिंता न करनी पड़े। क्योंकि यह योजना सरकार द्वारा चलाई जाती है, इसलिए इसमें पैसा डूबने का डर नहीं होता और लोग बिना किसी टेंशन के इसमें निवेश कर सकते हैं।
कौन-कौन लाभ ले सकता है?
इस योजना का लाभ वही लोग ले सकते हैं जिनकी बेटी की उम्र 10 साल से कम है। बेटी भारत की नागरिक होनी चाहिए और उसके नाम पर केवल एक ही सुकन्या समृद्धि अकाउंट खोला जा सकता है। एक परिवार में अधिकतम दो बेटियों के लिए यह अकाउंट खोला जा सकता है। अगर किसी परिवार में जुड़वा बेटियां हैं, तो कुछ खास नियमों के तहत तीसरी बेटी के लिए भी अकाउंट खोलने की अनुमति मिल सकती है। यह योजना खास उन परिवारों के लिए बहुत फायदेमंद है जो चाहते हैं कि कम आय होने के बावजूद भी बेटी के लिए एक मजबूत फंड तैयार किया जाए।
इस योजना की विशेषताएं क्या है?
सुकन्या समृद्धि योजना की सबसे बड़ी खासियत इसका ज्यादा ब्याज है। अभी इसमें 8.20% सालाना ब्याज दिया जा रहा है, जो समय के साथ कंपाउंड होकर बढ़ता है। इसमें सालाना न्यूनतम ₹250 और अधिकतम ₹1.5 लाख तक जमा किए जा सकते हैं। अकाउंट खुलने के बाद केवल 15 साल तक ही पैसा जमा करना होता है, लेकिन अकाउंट 21 साल में पूरा होता है। इसका मतलब यह है कि 15 साल निवेश करने के बाद भी अगले 6 साल तक पैसा बिना कुछ किए बढ़ता रहता है। इसके अलावा इस योजना में टैक्स की भी बड़ी राहत मिलती है, क्योंकि इसमें जमा की गई रकम, उस पर मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी के समय मिलने वाला पूरा पैसा टैक्स फ्री होता है।
कैसे खोले सुकन्या समृद्धि योजना का अकाउंट?
सुकन्या समृद्धि योजना का अकाउंट खोलना बिल्कुल आसान है। इसके लिए आपको अपने नजदीकी पोस्ट ऑफिस या किसी सरकारी बैंक में जाना होता है। वहां बेटी का जन्म प्रमाण पत्र, माता-पिता या अभिभावक का पहचान पत्र और पते का प्रमाण देना होता है। फॉर्म भरने के बाद शुरुआती रकम जमा की जाती है और अकाउंट खुल जाता है। अकाउंट खुलने के बाद हर साल अपनी सुविधा के अनुसार पैसा जमा किया जा सकता है। चाहें तो एक साथ साल की पूरी रकम डाल सकते हैं या फिर किश्तों में भी पैसा जमा कर सकते हैं। आजकल कई बैंक ऑनलाइन सुविधा भी दे रहे हैं, जिससे घर बैठे निवेश करना आसान हो गया है।
कैसे मिलेंगे 70 से 80 लाख रुपए?
अब सबसे अहम सवाल यही आता है कि आखिर सुकन्या समृद्धि योजना से 70 से 80 लाख रुपए कैसे बन सकते हैं। इसका जवाब है समय और नियमित निवेश। मान लीजिए किसी माता-पिता ने बेटी के जन्म के तुरंत बाद सुकन्या समृद्धि अकाउंट खुलवाया। उन्होंने हर साल ₹1.5 लाख जमा किए और यह निवेश लगातार 15 साल तक किया। इस तरह 15 साल में कुल जमा राशि करीब ₹22.5 लाख हो जाएगी। इसके बाद अगले 6 साल तक अकाउंट में कोई नया पैसा डालने की जरूरत नहीं होती, लेकिन जमा रकम पर 8.20% सालाना ब्याज मिलता रहता है। कंपाउंड ब्याज की वजह से यही ₹22.5 लाख बढ़कर 21 साल पूरे होने पर लगभग 70 से 80 लाख रुपए के आसपास पहुंच सकती है। यह पूरी रकम बेटी के नाम पर होती है और जरूरत पड़ने पर उसका इस्तेमाल किया जा सकता है।
8.20% ब्याज दर पर कैलकुलेशन कैसे काम करता है?
सुकन्या समृद्धि योजना में मिलने वाला ब्याज साधारण नहीं बल्कि कंपाउंड होता है। इसका मतलब यह है कि हर साल मिलने वाला ब्याज मूल रकम में जुड़ जाता है और अगले साल उस पूरी रकम पर फिर से ब्याज मिलता है। शुरू के कुछ सालों में भले ही ब्याज कम लगे, लेकिन जैसे-जैसे समय बढ़ता है, ब्याज की रकम तेजी से बढ़ने लगती है। यही वजह है कि लंबे समय तक निवेश करने पर आखिरी सालों में पैसा बहुत तेजी से बढ़ता है। अगर कोई व्यक्ति शुरुआत में ही निवेश शुरू कर देता है और बीच में पैसा डालना बंद नहीं करता, तो छोटी-छोटी रकम भी आगे चलकर लाखों में बदल जाती है।
बेटी के भविष्य के लिए यह योजना क्यों जरूरी है?
आज के समय में पढ़ाई और शादी का खर्च बहुत तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में अगर पहले से कोई मजबूत योजना न हो, तो बाद में कर्ज लेना पड़ सकता है। सुकन्या समृद्धि योजना माता-पिता को यह मौका देती है कि वे बिना ज्यादा दबाव के धीरे-धीरे बेटी के लिए बड़ा फंड तैयार कर सकें। इसमें जोखिम कम है, ब्याज अच्छा है और टैक्स की भी पूरी छूट मिलती है। यही कारण है कि यह योजना मध्यम और छोटे वर्ग के परिवारों के लिए एक वरदान जैसी है।
डिस्क्लेमर
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। सुकन्या समृद्धि योजना की ब्याज दर और नियम समय-समय पर सरकार द्वारा बदले जा सकते हैं। निवेश करने से पहले पोस्ट ऑफिस या बैंक से सही जानकारी जरूर प्राप्त करें और अपनी आर्थिक स्थिति के अनुसार फैसला लें।